वर्ष 2005 से पहले बिहार हर क्षेत्र में पिछड़ गया था। विकास के कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए थे। आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कोई काम नहीं होता था। नये भवनों का निर्माण तो दूर की बात थी, पहले से बने भवनों का रखरखाव और जीर्णोद्धार तक नहीं हो पाता था। उबड़-खाबड़ और टूटी-फूटी… pic.twitter.com/DSP18CwOrF
— Nitish Kumar (@NitishKumar) October 29, 2025