जिम के बाद पीते हैं प्रोटीन पाउडर तो हो जाएं सावधान! किडनी से लेकर इन अंगों को पहुंचा है नुकसान

नई दिल्ली: स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले लोग प्रोटीन पाउडर का खूब इस्तेमाल करते हैं। माना जाता है कि यह मांसपेशियों के विकास, बॉडी रिकवरी और प्रोटीन की कमी पूरी करने का आसान तरीका है। लेकिन ध्यान रहे, अगर इसे जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से लिया जाए तो यह शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर किडनी और लिवर की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।

किडनी पर असर
प्रोटीन पाउडर का सबसे बड़ा खतरा किडनी पर होता है। ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी पर काम का बोझ बढ़ जाता है क्योंकि उसे प्रोटीन के उप-उत्पाद जैसे यूरिया और अमोनिया को छानना पड़ता है। लंबे समय में यह किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर उन लोगों को जिन्हें पहले से किडनी की समस्या या हाई ब्लड प्रेशर है। अगर आपको किडनी की बीमारी है तो प्रोटीन पाउडर लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

प्रोटीन का ज्यादा सेवन लिवर पर भी दबाव डालता है। समय के साथ यह फैटी लिवर, लिवर एंजाइम्स के असामान्य स्तर और अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है। अगर शराब पीने या खराब खानपान के साथ इसे लिया जाए तो खतरा और बढ़ जाता है। प्रोटीन का सेवन संतुलित आहार (कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और हेल्दी फैट्स) के साथ करें।

बहुत से लोग प्रोटीन पाउडर (खासकर व्हे प्रोटीन) लेने के बाद गैस, पेट फूलना, कब्ज या दस्त जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। लैक्टोज असहिष्णु लोगों में ये समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है। यदि डेयरी से एलर्जी है तो प्लांट-बेस्ड या लैक्टोज़-फ्री प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करें।

कई प्रोटीन पाउडर में अतिरिक्त चीनी, फ्लेवर और कृत्रिम मिठास होती है। यह धीरे-धीरे वज़न बढ़ा सकती है। साथ ही, अगर ज़्यादा प्रोटीन लिया जाए तो यह अन्य ज़रूरी पोषक तत्वों (फाइबर, विटामिन, मिनरल्स) की कमी कर देता है। प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल सिर्फ पूरक के रूप में करें। दाल, अंडे, मछली, दूध, मेवे और फलियों जैसे प्राकृतिक स्रोतों को प्राथमिकता दें।