बिहार चुनाव 2025ः मोहनिया सीट पर कौन मारेगा बाजी? क्यों दिलचस्प होने वाला है मुकाबला, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

पटनाः बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही चुनावी शोर देखा जा रहा है। एक ओर जहां राजनीतिक दलों के नेता रैलियां कर रहे हैं और वहीं संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं। मोहनिया विधानसभा क्षेत्र में भी चुनावी सरगर्मियां देखी जा रही हैं। इस सीट पर अभी आरजेडी का कब्जा है।

मोहनिया विधानसभा के बारे में जानें

मोहनिया विधानसभा सीट एससी के लिए आरक्षित है। मोहनिया (SC) बिहार के कैमूर जिले के अंतर्गत आता है। मोहनिया एक उप-विभागीय शहर है। 1957 में स्थापना के बाद से मोहनिया विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित रहा है। यह सासाराम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और इसमें दो सामुदायिक विकास खंड शामिल हैं: कुदरा और मोहनिया। इसके आस-पास के कस्बों में सासाराम और यूपी के ज़मानिया और गाज़ीपुर शामिल हैं। 

मोहनिया सीट का चुनावी इतिहास

1957 में इस निर्वाचन क्षेत्र के बनने के बाद से अब तक 17 चुनावों में कई राजनीतिक दलों ने जीत दर्ज की है। जिनमें कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आरजेडी, जेडीयू और बीजेपी  शामिल हैं। कांग्रेस ने यह सीट पांच बार जीती है, जबकि प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, बसपा, जेडीयू, बीजेपी और आरजेडी ने दो-दो बार जीत हासिल की है। जनता पार्टी और जनता दल ने एक-एक बार जीत हासिल की है। 

साल 2020 में हुए चुनाव में मोहनिया सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की संगीता कुमारी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के निरंजन राम को 12054 मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी। साल 2015 में यहां से बीजेपी के निरंजन राम को जीत मिली थी। 2010, 2005 में जेडीयू के खाते में यह सीट गई थी। जबकि फरवरी 2005 में आरजेडी के सुरेश को जीत मिली थी। 2000 और 1995 में बसपा के टिकट पर सुरेश पासी जीत हासिल हुई थी। 1990 को जनता दल को जीत मिली थी। 1985 और 1980 में कांग्रेस को यहां से सीट मिली थी।

क्यों दिलचस्प रहने वाला है मुकाबला

इस सीट पर बसपा का भी काफी प्रभाव है। जबकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी पहली बार चुनाव लड़ेगी। वहीं चिराग पासवान की पार्टी पर भी लोगों की नजरें रहेंगी। आरजेडी और बीजेपी भी इस सीट को जीतने की पूरा दमखम लगा रही है।