लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और 2007 वाला इतिहास दोहराने के लिए कमर कस लें।
“गठबंधन से बसपा को होता है नुकसान”
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि अतीत के अनुभव बताते हैं कि गठबंधन करने से बसपा का वोट शेयर तो दूसरे दलों को ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन दूसरे दलों का वोट बसपा को नहीं मिलता। उन्होंने कहा:
बसपा अपनी ताकत पर चुनाव लड़ेगी।
विरोधी दल और कुछ मीडिया माध्यम जानबूझकर गठबंधन की अफवाहें फैला रहे हैं ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा जा सके।
उन्होंने इन खबरों को ‘AI-जनित फेक न्यूज़’ करार दिया।
दिल्ली के ‘टाइप-8’ बंगले पर तोड़ी चुप्पी
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मायावती को केंद्र सरकार द्वारा टाइप-8 बंगला (सबसे बड़ी श्रेणी का सरकारी आवास) आवंटित किए जाने पर सियासत गरमाई हुई थी। इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा:
“मुझे सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल के तहत यह आवास आवंटित किया गया है।”
उन्होंने विरोधियों को नसीहत दी कि एक पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय पार्टी की अध्यक्ष को मिलने वाली सुरक्षा सुविधाओं पर ‘गंदी राजनीति’ न की जाए।
मायावती ने बताया कि 1995 के गेस्ट हाउस कांड के बाद से ही उन्हें उच्च स्तरीय सुरक्षा दी जाती रही है और सुरक्षा खतरा बढ़ने के कारण ही यह आवंटन हुआ है।