लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नया विस्तार देने के लिए सरकार ने 69 किलोमीटर लंबे नए फोरलेन हाईवे के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस नए हाईवे के बनने से लखनऊ पर यातायात का दबाव कम होगा और बाराबंकी व सीतापुर के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी करते हुए प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर ली है।
इन तीन जिलों को होगा सबसे बड़ा फायदा
इस हाईवे का रूट इस तरह तैयार किया गया है कि यह तीन प्रमुख जिलों के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देगा:
लखनऊ: राजधानी के बाहरी इलाकों में जाम की समस्या खत्म होगी और आउटर रिंग रोड से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
बाराबंकी: जिले के देवा, फतेहपुर और विशुनपुर जैसे इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा।
सीतापुर: लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर ट्रैफिक का लोड कम होगा और यात्रा का समय घटेगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
लंबाई: कुल 69 किलोमीटर (फोरलेन)।
बाईपास का निर्माण: यातायात को सुगम बनाने के लिए देवा, फतेहपुर और विशुनपुर में नए बाईपास बनाए जाएंगे।
भूमि अधिग्रहण: लगभग 2,000 से अधिक किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए मुआवजे की दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
कनेक्टिविटी: यह हाईवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-सीतापुर नेशनल हाईवे (NH-24) के बीच एक महत्वपूर्ण लिंक के रूप में कार्य करेगा।