लखनऊ में संग्राम: मनरेगा के मुद्दे पर विधानसभा घेरने निकली कांग्रेस, कई दिग्गज नेता हाउस अरेस्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मनरेगा मजदूरों के हक और योजना के स्वरूप में बदलाव के विरोध में आज कांग्रेस ने ‘विधानसभा घेराव’ का आह्वान किया है। कांग्रेस के इस प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को सोमवार रात से ही उनके घरों में नजरबंद (House Arrest) कर दिया गया है।

क्यों हो रहा है यह विरोध प्रदर्शन? उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

VB-G-RAM G बिल का विरोध: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ (VB-G-RAM G) करने और इसके मूल स्वरूप में बदलाव का कांग्रेस विरोध कर रही है।

बकाया मजदूरी का भुगतान: कांग्रेस का आरोप है कि पिछले 11-12 महीनों से मनरेगा मजदूरों का भुगतान रुका हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

बजट में कटौती: पार्टी का दावा है कि सरकार धीरे-धीरे मनरेगा को खत्म करने की साजिश रच रही है।

नेताओं की धरपकड़ और पुलिस का पहरा
नजरबंद नेता: संभल, मैनपुरी, जालौन और अमेठी समेत कई जिलों में कांग्रेस पदाधिकारियों को पुलिस ने लखनऊ निकलने से पहले ही हाउस अरेस्ट कर लिया। अमेठी के नेता शुभम सिंह और मैनपुरी के जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सरकार की कार्रवाई को ‘तानाशाही’ करार दिया है।

लखनऊ में सुरक्षा: लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय और विधानसभा के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और धारा 144 जैसे कड़े नियम लागू हैं।

सड़क से सदन तक हलचल
अजय राय ने कहा कि, “सरकार पुलिस के दम पर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। मनरेगा गरीबों के लिए जीवन रेखा है और इसे बचाने के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”