नई दिल्ली: आज, 17 फरवरी 2026 (मंगलवार) को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। फाल्गुन अमावस्या के दिन लगने वाला यह ग्रहण खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा, सूर्य के बीचों-बीच आकर उसे इस तरह ढकेगा कि सूर्य एक चमकती हुई ‘अंगूठी’ (Ring of Fire) की तरह दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार – IST) : भारतीय मानक समय के अनुसार, ग्रहण की टाइमिंग इस प्रकार रहेगी:
ग्रहण का आरंभ: दोपहर 03:26 बजे
ग्रहण का मध्य (Pick Time): शाम 05:42 बजे
ग्रहण का समापन: रात 07:57 बजे
कुल अवधि: लगभग 4 घंटे 31 मिनट
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ में क्या है टाइमिंग?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। क्योंकि भारत में ग्रहण शुरू होने के समय सूर्य अपनी ढलान पर होगा या अस्त हो चुका होगा, इसलिए देश के किसी भी शहर (दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना आदि) में इसका प्रभाव नहीं दिखेगा।
क्या भारत में लगेगा सूतक काल? ज्योतिष शास्त्र के नियमों के अनुसार, सूतक काल वहीं प्रभावी होता है जहाँ ग्रहण दिखाई देता है।
सूतक मान्य नहीं: चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा। * मंदिर और पूजा-पाठ: सभी मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और शुभ कार्यों व पूजा-पाठ पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
कहाँ दिखाई देगा ‘रिंग ऑफ फायर’?
यह दुर्लभ नजारा मुख्य रूप से अंटार्कटिका में दिखाई देगा। इसके अलावा, आंशिक रूप से इसे दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, चिली, नामीबिया और मॉरीशस जैसे देशों में देखा जा सकेगा।
सावधानी की सलाह: जहाँ यह ग्रहण दिखाई देगा, वहाँ इसे नंगी आँखों से देखना खतरनाक हो सकता है। इसे देखने के लिए हमेशा प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले चश्मों का ही उपयोग करना चाहिए।