उज्जैन : महाशिवरात्रि 2026 के पावन पर्व पर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों—उज्जैन के बाबा महाकाल और काशी के बाबा विश्वनाथ—में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा है। उज्जैन में महाकाल ने सवा मन (लगभग 11 फुट ऊंचे) फूलों का सेहरा धारण किया है, तो वहीं काशी में भक्तों की 5 किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं।
- उज्जैन: महाकाल का ‘सेहरा’ दर्शन
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अगले दिन तड़के बाबा महाकाल को 11 फुट ऊंचा फूलों का सेहरा पहनाया गया।
यह सेहरा विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूलों और फलों से तैयार किया जाता है।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल दूल्हा बनते हैं, और इस रूप के दर्शन के लिए भक्त पूरी रात इंतजार करते हैं।
इसके बाद साल में एक बार होने वाली ‘भस्म आरती’ दोपहर में संपन्न हुई।
- काशी: भक्तों का रेला और 5 KM लंबी लाइन
वाराणसी (काशी) में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर है।
श्रद्धालुओं की कतार मैदागिन और गोदौलिया से भी आगे निकलकर लगभग 5 किलोमीटर तक पहुँच गई है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में सुगम दर्शन की व्यवस्था की गई है।
गंगा घाटों पर भी सुबह से ही आस्था की डुबकी लगाने वालों का तांता लगा रहा।
- सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम
ड्रोन निगरानी: दोनों शहरों में भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
“उज्जैन के महाकाल मंदिर में आज एक अद्भुत नजारा दिखा, जहाँ बाबा ने धारण किया 11 फुट का फूलों का सेहरा। वहीं काशी में महादेव के जयकारों के बीच 5 किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं। क्या आपने किए दर्शन? देखिए इस महाशिवरात्रि की भव्यता…”