कानपुर: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर की मौजूदा स्थिति को लेकर राज्य सरकार को घेरे में लिया है। कानपुर में बढ़ते अपराध और हालिया सड़क हादसों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि औद्योगिक नगरी के रूप में मशहूर यह शहर अब ‘बदनामपुर’ बनता जा रहा है।
“हादसों और झगड़ों का शहर”
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस वार्ता के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कानपुर में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- बढ़ता अपराध: शहर में आए दिन हो रही चोरी, लूट और आपसी झगड़ों ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।
- सड़क हादसे: खराब सड़कों और ट्रैफिक प्रबंधन की कमी के कारण कानपुर हादसों का केंद्र बनता जा रहा है।
- प्रशासनिक विफलता: पुलिस और प्रशासन अपराधियों पर लगाम कसने के बजाय केवल कागजी कार्रवाई में व्यस्त है।
योगी सरकार को घेरा
सपा मुखिया ने तंज कसते हुए कहा, “जो शहर कभी अपनी तरक्की और व्यापार के लिए जाना जाता था, आज वह भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण ‘हादसों और झगड़ों’ का शहर बन गया है। सरकार ‘राम राज्य’ की बात करती है, लेकिन धरातल पर अराजकता का बोलबाला है।”
कानपुर की ‘बदनामी’ पर सियासत
अखिलेश यादव के इस ‘बदनामपुर’ वाले बयान के बाद बीजेपी ने भी पलटवार किया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष केवल नकारात्मकता फैला रहा है और विकास कार्यों को नजरअंदाज कर रहा है। हालांकि, कानपुर के स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर चिंताएं बरकरार हैं, जिसे अखिलेश यादव ने सियासी मुद्दा बना दिया है।