UP Traffic New Rules: अब 5 चालान और लाइसेंस सीधा ‘ब्लैकलिस्ट’, यूपी में नया नियम लागू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब ट्रैफिक नियम तोड़ना केवल जुर्माना भरने तक सीमित नहीं रहेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के नए संशोधनों के तहत, यूपी सरकार ने 1 जनवरी 2026 से एक नया कानून प्रभावी कर दिया है। इसके अनुसार, यदि किसी चालक का एक साल (कैलेंडर ईयर) के भीतर 5 या उससे अधिक बार चालान कटता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है।

क्या है नया ‘5 चालान’ नियम?

नए नियमों के मुताबिक, अब हर चालान का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से आपके लाइसेंस से लिंक होगा। अगर आपने साल भर में 5 बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया—चाहे वह हेलमेट न पहनना हो, रेड लाइट जंप करना हो या ओवरस्पीडिंग—तो आपको ‘आदतन अपराधी’ (Habitual Offender) माना जाएगा।

कार्रवाई: 5वें चालान के बाद आरटीओ (RTO) आपके लाइसेंस को 3 महीने या उससे अधिक समय के लिए निलंबित कर सकता है।

ब्लैकलिस्ट: बार-बार गलती दोहराने पर लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द कर उसे ‘ब्लैकलिस्ट’ भी किया जा सकता है।

  • 45 दिनों का ‘अल्टीमेटम’
  • नियमों को और सख्त बनाते हुए सरकार ने समय सीमा भी तय कर दी है:
  • भुगतान: ई-चालान कटने के 45 दिनों के भीतर जुर्माना भरना अनिवार्य है।
  • ब्लॉक सेवाएं: यदि 45 दिनों में चालान जमा नहीं किया गया, तो वाहन मालिक की सभी परिवहन सेवाएं (जैसे RC ट्रांसफर, परमिट, और DL रिन्यूअल) ब्लॉक कर दी जाएंगी।
  • अपील: अगर आपको लगता है कि चालान गलत है, तो आप 45 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद कोर्ट जाने के लिए भी कम से कम 50% जुर्माना पहले जमा करना होगा।

इन गलतियों पर रहेगी पैनी नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी और एआई (AI) कैमरों के जरिए अब छोटी गलतियों को भी ट्रैक किया जा रहा है। सीट बेल्ट न लगाना, मोबाइल का उपयोग करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और बिना बीमा के वाहन चलाने जैसे 24 प्रमुख उल्लंघनों को इस श्रेणी में रखा गया है।