नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के प्रमुख राजनेता और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान से फोन पर विस्तृत बातचीत की। इस उच्च स्तरीय संवाद के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
- बातचीत के मुख्य केंद्र बिंदु:
- सांस्कृतिक विरासत: पीएम मोदी ने साझा विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंध केवल भूगोल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझा कला, साहित्य और भाषा की मजबूत नींव पर टिके हैं।
- लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा: दोनों नेताओं के बीच बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।
- क्षेत्रीय स्थिरता: प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए आपसी सहयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक समृद्ध और स्थिर बांग्लादेश भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले) नीति का अहम हिस्सा है।
- विकास में साझेदारी: बातचीत के दौरान बुनियादी ढांचे, व्यापार और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को भविष्य में और गति देने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
कूटनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की तारिक रहमान से यह बातचीत बांग्लादेश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत है। भारत सभी पक्षों के साथ संवाद स्थापित कर पड़ोसी देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने का पक्षधर है।
तारिक रहमान का रुख
सूत्रों के अनुसार, तारिक रहमान ने भी भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई और बांग्लादेश के विकास में भारत के निरंतर सहयोग की सराहना की।