नई दिल्ली : इस साल महाशिवरात्रि का पर्व आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। इस पावन अवसर पर ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे शास्त्रों में किसी भी कार्य की सफलता के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, ‘सर्वार्थ सिद्धि’ यानी “सभी अर्थों की सिद्धि”।
इस योग में की गई पूजा, मंत्र जाप और अनुष्ठान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
यदि आप कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं, निवेश करना चाहते हैं या नौकरी-व्यापार में सफलता चाहते हैं, तो इस योग में भगवान शिव का जलाभिषेक करना उत्तम रहेगा।
पूजन का शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा चार अलग-अलग प्रहरों में करने का विधान है। यहाँ मुख्य मुहूर्त दिए गए हैं:
- पूजन का समय मुहूर्त (समय)
- निशिता काल (सबसे शुभ) रात 12:08 AM से 12:59 AM तक
- प्रथम प्रहर पूजा शाम 06:15 PM से रात 09:25 PM तक
- द्वितीय प्रहर पूजा रात 09:25 PM से रात 12:35 AM तक
- तृतीय प्रहर पूजा रात 12:35 AM से सुबह 03:45 AM तक
- चतुर्थ प्रहर पूजा सुबह 03:45 AM से सुबह 06:55 AM तक
- महाशिवरात्रि व्रत पारण समय: अगले दिन सूर्योदय के बाद।
शिव कृपा पाने के लिए विशेष उपाय
महाशिवरात्रि और सर्वार्थ सिद्धि योग के संगम पर आप ये सरल उपाय कर सकते हैं:
आर्थिक उन्नति के लिए: शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करें।
मानसिक शांति के लिए: दूध में काले तिल मिलाकर शिवजी को अर्पित करें।
सफलता के लिए: शिव पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप करें।