“मजदूरों के बच्चों का भविष्य संवारेगी सरकार: सीएम रेखा गुप्ता ने 15,706 छात्रों के खातों में भेजे 12.40 करोड़ रुपये।”

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को निर्माण श्रमिकों के परिवारों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। त्यागराज स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (DBOCWWB) की योजना के तहत 15,706 बच्चों के बैंक खातों में 12.40 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की।

श्रमिकों के लिए बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि श्रमिकों के पसीने से बनी है। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र किया:

शिक्षा सहायता: कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को ₹500, 9वीं-10वीं के लिए ₹700 और 11वीं-12वीं के छात्रों को ₹1,000 प्रति माह दिए जा रहे हैं।

उच्च शिक्षा: इंजीनियरिंग, मेडिकल और MBA जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए ₹10,000 प्रति माह तक की सहायता दी जा रही है।

अटल कैंटीन और पालना: श्रमिकों के लिए ₹5 में भोजन उपलब्ध कराने वाली ‘अटल कैंटीन’ और कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए ‘पालना’ (क्रेच) योजना की सराहना की गई।

ग्रामीण विकास: मुख्यमंत्री ने 37 गांवों में ₹134 करोड़ की लागत वाली 59 विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।”

हमारा लक्ष्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना है। पिछली सरकारों ने श्रमिक कल्याण के ‘सेस फंड’ का सही इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन हमारी सरकार हर पैसा श्रमिकों के भविष्य पर खर्च करेगी।