लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘खुशहाल यूपी’ के संकल्प के साथ अपना पिटारा खोल दिया है। 9.12 लाख करोड़ का यह बजट न केवल विकास की नई कहानी लिख रहा है, बल्कि पड़ोसी मुल्कों की अर्थव्यवस्था को भी आईना दिखा रहा है।
अर्थव्यवस्था में यूपी का दबदबा
यूपी का यह बजट (लगभग $109 बिलियन) पाकिस्तान के कुल संघीय बजट से काफी अधिक है। जहाँ पाकिस्तान कर्ज के बोझ तले दबा है, वहीं यूपी का ‘डबल इंजन’ मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याण पर भारी निवेश कर रहा है।
बजट के 10 बड़े संभावित ऐलान (Key Highlights)
* पेंशन में भारी बढ़ोतरी: वृद्धावस्था, विधवा और निराश्रित महिला पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह करने की घोषणा।
- छात्राओं को मुफ्त स्कूटी: मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मुफ्त स्कूटी वितरण योजना।
- हर जिले में महिला छात्रावास: कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण।
- ‘शी-मार्ट’ (SHE-Mart) की शुरुआत: महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए ब्लॉक स्तर पर रिटेल आउटलेट्स।
- कृषि और सिंचाई: किसानों के लिए मुफ्त बिजली योजना को जारी रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं के लिए 5,000 करोड़ से अधिक का आवंटन।
- धार्मिक पर्यटन (Religious Infrastructure): अयोध्या, काशी, और मथुरा-वृंदावन के बाद अब छोटे तीर्थस्थलों के कायाकल्प के लिए विशेष बजट।
- कनेक्टिविटी: जेवर एयरपोर्ट और अन्य हवाई पट्टियों के लिए 2000 करोड़, साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार के लिए भारी फंड।
- रोजगार और युवा: कौशल विकास मिशन के तहत 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य।
- स्वास्थ्य: प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज के संकल्प को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता।
- कानून व्यवस्था: पुलिस बल के आधुनिकीकरण और महिला सुरक्षा के लिए पिंक बूथों की संख्या में इजाफा।