लखनऊ : उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निजी स्कूल में पेट के कीड़े मारने वाली दवा खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना कमालगंज ब्लॉक के राठौरा मोहद्दीनपुर गांव स्थित जवाहर लाल प्रेमा देवी स्कूल की है।
प्रमुख बिंदु:
क्या हुआ: स्कूल में ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’ के तहत एल्बेंडाजोल की गोलियां बांटी गई थीं।
असर: दवा खाते ही बच्चों ने सिरदर्द, पेट में तेज दर्द और उल्टी (Vomiting) की शिकायत शुरू कर दी। कुछ बच्चे गश खाकर गिर पड़े।
संख्या: बताया जा रहा है कि लगभग 150 बच्चों को दवा दी गई थी, जिनमें से 100 से अधिक बच्चों की हालत बिगड़ गई।
इलाज: बच्चों को तत्काल कमालगंज सीएचसी (CHC) और जिला मुख्यालय के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) आशुतोष कुमार द्विवेदी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अवनिंद्र कुमार ने अस्पताल पहुँचकर बच्चों का हाल जाना। डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चों की हालत अब स्थिर है और कई को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
डॉक्टरों का तर्क: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब शरीर में कीड़ों की संख्या (Worm Load) अधिक होती है, तो दवा खाने के बाद कई बार ऐसे लक्षण (जैसे मतली या पेट दर्द) दिखते हैं। हालांकि, प्रशासन दवा की गुणवत्ता की भी जांच कर रहा है।
राजनीतिक हलचल
इस घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। विपक्षी दलों (सपा और आप) ने इसे सरकारी लापरवाही और ‘नकली दवाओं’ का मामला बताते हुए जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि दवा की एक्सपायरी डेट 2028 तक थी।