लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म को लेकर एक बड़ा और गहरा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सनातन केवल एक धर्म नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यदि सनातन कमजोर पड़ता है, तो इसका सीधा असर देश की मजबूती और अखंडता पर पड़ेगा।
संबोधन के मुख्य बिंदु:
राष्ट्र और सनातन का संबंध: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसके गौरवशाली इतिहास और सनातन संस्कृति से है। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा और संस्कृति की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
विभाजनकारी ताकतों से सावधान: सीएम योगी ने समाज को बांटने वाली ताकतों पर कड़ा प्रहार करते हुए जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि जो लोग जाति, धर्म या संप्रदाय के नाम पर समाज में दरार पैदा कर रहे हैं, वे देश के हितैषी नहीं हो सकते।
एकता का संदेश: मुख्यमंत्री ने अपील की कि समाज को एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि जब-जब समाज बंटा है, तब-तब देश ने भारी नुकसान झेला है। इसलिए ‘एक’ रहना ही विकास और सुरक्षा की गारंटी है।
समाज को बांटने वालों पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में उन तत्वों की कड़ी आलोचना की जो राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचाते हैं।
उन्होंने कहा: सनातन धर्म सबको साथ लेकर चलने का मार्ग दिखाता है। जो लोग इसे निशाना बना रहे हैं, वे असल में भारत की प्रगति में बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं। हमें उनकी चालों को समझना होगा।”