बिहार की सियासत में ‘पारिवारिक’ तंज: राबड़ी देवी की टिप्पणी पर जेडीयू का पलटवार

पटना: बिहार विधानसभा के भीतर अक्सर तीखी बहस देखने को मिलती है, लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच हुई नोकझोंक ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले पर अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बड़ा बयान देते हुए पूरे प्रकरण को एक अलग अंदाज में पेश किया है।

क्या है पूरा मामला?
सदन की कार्यवाही के दौरान राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कुछ व्यक्तिगत और राजनीतिक तंज कसे थे। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए अपनी बात रखी थी। इस नोकझोंक को बिहार के राजनीतिक गलियारों में ‘देवर-भाभी’ के रिश्तों की पुरानी केमिस्ट्री से जोड़कर देखा जा रहा है।

जेडीयू का रुख: “भौजाई बोलेंगी तो देवर जवाब देगा ही”
जेडीयू के प्रवक्ताओं ने इस मामले को तूल देने के बजाय इसे बिहार की लोक-संस्कृति और पुराने रिश्तों के चश्मे से देखने की सलाह दी है। जेडीयू की ओर से कहा गया:

रिश्तों की मर्यादा: जेडीयू नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार और लालू परिवार के बीच राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनके बीच एक पुराना सम्मान और रिश्ता रहा है।

काम बोलना लाजमी: पार्टी की तरफ से यह बयान आया कि “अगर भौजाई (राबड़ी देवी) कुछ बोलेंगी, तो देवर (नीतीश कुमार) का काम है उस पर जवाब देना।” * हल्के-फुल्के अंदाज में पलटवार: पार्टी ने इसे लोकतंत्र की खूबसूरती बताते हुए कहा कि सदन में कटाक्ष होना आम बात है, बशर्ते वह गरिमा के भीतर हो।

सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू ने इस बयान के जरिए राबड़ी देवी के हमले की धार को कम करने की कोशिश की है। इसे एक राजनीतिक विवाद के बजाय ‘पारिवारिक संवाद’ का रूप देकर पार्टी ने जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजने का प्रयास किया है।