महोबा: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीद शुभम की पत्नी ऐशन्या ने आज महोबा में एक सार्वजनिक मंच से राष्ट्रवाद पर तीखा और भावुक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस देश में रहने वाले हर व्यक्ति को भारत की मिट्टी और प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
संबोधन के मुख्य अंश:
राष्ट्रवाद सर्वोपरि: ऐशन्या ने भावुक होते हुए कहा, “जो व्यक्ति वंदेमातरम् नहीं बोल सकता, उसे खुद को हिंदुस्तानी कहलाने का कोई हक नहीं है।”
शहादत का सम्मान: उन्होंने कहा कि सैनिक सीमा पर देश की रक्षा के लिए अपनी जान देते हैं, ऐसे में देश के भीतर रहकर राष्ट्र विरोधी मानसिकता पालना शहीदों का अपमान है।
एकजुटता की अपील: अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं से देश की अखंडता और एकता के लिए हमेशा तैयार रहने की अपील की।
पृष्ठभूमि: शहीद शुभम का बलिदान
ज्ञात हो कि महोबा के वीर सपूत शुभम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान शहीद हो गए थे। उनके बलिदान के बाद से ही उनकी पत्नी ऐशन्या लगातार देशभक्ति के कार्यक्रमों में सक्रिय रहती हैं और युवाओं को प्रेरित करती रही हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
ऐशन्या के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद जनसमूह ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया। सोशल मीडिया पर भी उनके इस साहसपूर्ण बयान की काफी चर्चा हो रही है।