लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत एक बड़ी सौगात दी है। इस योजना का लक्ष्य प्रतिवर्ष 1 लाख युवाओं को तैयार करना है, ताकि अगले 10 वर्षों में 10 लाख युवा स्वरोजगार से जुड़ सकें। सबसे खास बात यह है कि इस योजना के तहत मिलने वाला शुरुआती ऋण पूरी तरह से ब्याज मुक्त है।
योजना के दो मुख्य चरण
सरकार ने इस योजना को दो चरणों में विभाजित किया है ताकि छोटे और बड़े दोनों स्तर के व्यवसायों को बढ़ावा मिल सके:
पहला चरण: सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। इसमें सरकार ब्याज की 100% सब्सिडी खुद वहन करती है।
दूसरा चरण: यदि कोई युवा पहले चरण के ऋण का समय पर भुगतान कर देता है, तो वह दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए पात्र हो जाता है। इसमें सरकार 50% तक ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है।
पात्रता की शर्तें (Eligibility)
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
निवासी: आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
आयु: उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
शिक्षा: न्यूनतम 8वीं पास होना अनिवार्य है (उच्च शिक्षा को प्राथमिकता)।
प्रशिक्षण: आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) का प्रमाण पत्र, डिप्लोमा या डिग्री होनी चाहिए।
शर्त: आवेदक किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की ऋण योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए:
आधार कार्ड और पैन कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र
कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
शपथ पत्र (नोटरी द्वारा प्रमाणित)
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक युवा उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल msme.up.gov.in या cmyuva.org.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी: इस योजना में ऋण के लिए किसी भी प्रकार की गारंटी (Collateral) की आवश्यकता नहीं है। सरकार CGTMSE के माध्यम से ऋण की गारंटी खुद लेती है।