यूपी बना देश का पहला राज्य जिसने सदन में पेश की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट – GSDP दोगुना, $1 ट्रिलियन का रोडमैप!

यूपी : उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का पहला राज्य बनकर उभरा है, जहां विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की गई है। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार की तरह राज्य स्तर पर पहली बार प्रस्तुत की गई, जो यूपी की आर्थिक प्रगति, विकास दर और चुनौतियों का विस्तृत चित्र प्रस्तुत करती है।

मुख्य बिंदु:

9 फरवरी 2026 को बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 सदन के पटल पर रखी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ राज्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में ब्रेकथ्रू स्टेट बन चुका है। यह पहली बार है जब कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इस तरह व्यवस्थित रूप से सामने ला रही है।

रिपोर्ट में GSDP (ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट) की वृद्धि पर जोर: 2016-17 में ₹13.30 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹30.25 लाख करोड़ हो गया, CAGR 10.8% रहा। 2025-26 में अनुमानित ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना।

राज्य $1 ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर अग्रसर, निवेश प्रस्ताव ₹50 लाख करोड़ से अधिक, ‘ट्रिपल एस’ (Safety, Stability, Speed) नीति से निवेशक विश्वास बढ़ा।

रिपोर्ट में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य (46,728 करोड़ बजट), रोजगार, रेवेन्यू सरप्लस, प्रति व्यक्ति आय वृद्धि आदि क्षेत्रों की उपलब्धियां और चुनौतियां शामिल।

सत्र में विपक्ष (सपा) ने नारेबाजी की, सदन कल (10 फरवरी) सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया। बजट 11 फरवरी को पेश होगा।
योगी सरकार ने इसे पारदर्शिता और डेटा-आधारित शासन का प्रतीक बताया, जहां जनप्रतिनिधि और जनता को विकास के आंकड़े स्पष्ट मिलेंगे।

यह कदम यूपी को आर्थिक रूप से मजबूत और पारदर्शी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा प्रयास है, जो अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन सकता है।