बिहार : बिहार विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच हुई यह तीखी नोकझोंक आज की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर बनी हुई है। नीतीश कुमार ने सदन में राबड़ी देवी पर जो टिप्पणी की, उसके पीछे मुख्य कारण कानून-व्यवस्था पर तीखा गतिरोध और विपक्ष का भारी हंगामा था।
मामला क्या था?
9 फरवरी 2026 को बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही राजद (RJD) सदस्यों ने राज्य में कथित तौर पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध (विशेषकर दरभंगा और पटना की घटनाओं) को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्य ‘वेल’ में आकर नारेबाजी करने लगे और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की।
इसी हंगामे से नाराज होकर नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हुए और राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए सभापति से उन पर कार्रवाई करने (Action लेने) की मांग की।
नीतीश कुमार ने ऐसा क्यों कहा? (मुख्य तर्क)
सदन में व्यवधान: विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा था जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो रही थी। नीतीश कुमार ने कहा कि ये लोग सदन चलने नहीं देना चाहते।
निजी कटाक्ष: मुख्यमंत्री ने गुस्से में राबड़ी देवी को ‘लड़की’ (मगही लहजे में) कहकर संबोधित किया और कहा, “ई लड़की है… इसको कुछ आता है? इसके पति (लालू यादव) जब हट गए तो इसको (सीएम) बना दिया।”
पुराने शासन की तुलना: नीतीश ने आरोप लगाया कि 15 साल के आरजेडी शासन में कोई काम नहीं हुआ और अब ये लोग केवल शोर मचाना जानते हैं। उन्होंने सभापति से कहा कि जो लोग नियम तोड़ रहे हैं, उन पर एक्शन होना चाहिए।