लखनऊ: यूपी विधानसभा में सपा विधायकों का जोरदार प्रदर्शन, कांग्रेस ने भी दिया समर्थन, हंगामा मचा!

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन आज सोमवार को सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान जोरदार नारेबाजी की और ‘राज्यपाल गो-बैक’, ‘एसआईआर वापस लो’ जैसे नारे लगाए। सपा विधायकों ने सदन के वेल में जाकर तख्तियां लहराईं और सरकार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, कोडीन सिरप तस्करी और अन्य मुद्दों पर हमला बोला।

क्या हुआ सदन में?

सत्र की शुरुआत: सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से बजट सत्र शुरू हुआ, लेकिन सपा विधायकों ने तुरंत विरोध शुरू कर दिया।

नारेबाजी: सपा विधायकों ने ‘गो-बैक गवर्नर’, ‘एसआईआर बंद करो’, ‘योगी सरकार हटाओ’ जैसे नारे लगाए। कई विधायक वेल में उतर आए और प्रदर्शन किया।

कांग्रेस का समर्थन: कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भी सपा का साथ दिया और नारेबाजी में शामिल होकर विपक्ष की एकजुटता दिखाई। दोनों पार्टियां SIR और अन्य मुद्दों पर एक सुर में सरकार को घेर रही हैं।

सदन के बाहर: सत्र शुरू होने से पहले विधानभवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास सपा विधायकों ने प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक के बाद ये रणनीति बनाई गई थी।

सपा के प्रमुख मुद्दे:

मतदाता सूची का SIR – आरोप है कि इससे अल्पसंख्यक और गरीब वोटरों को नुकसान पहुंच रहा है।

बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था की विफलता।

कोडीन कफ सिरप की तस्करी और नशा माफिया।

महिला सुरक्षा और किसान मुद्दे।

अखिलेश यादव ने पहले ही कहा था कि सपा सरकार को इन गंभीर मुद्दों पर घेरेगी और सदन में हंगामा होगा। विपक्ष का कहना है कि ये प्रदर्शन लोकतंत्र की रक्षा और जनता के हित में है।

सरकार का पक्ष:

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सदन में स्वस्थ चर्चा का आग्रह किया और कहा कि बजट सत्र में सभी मुद्दों पर खुली बहस होनी चाहिए। लेकिन विपक्ष के हंगामे से सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और कुछ देर के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।

ये हंगामा यूपी की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव की शुरुआती जंग का संकेत दे रहा है। सपा-कांग्रेस की एकजुटता BJP के लिए चुनौती बन सकती है।