रायबरेली : कांग्रेस के गांधी परिवार पर एक बार फिर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है! पांजा फाउंडेशन नामक संगठन ने सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। इस याचिका में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत कुल 45 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कई सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक स्कूल को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता दिलाई।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि रायबरेली में एक स्कूल को सीबीएसई से एफिलिएशन दिलाने के लिए सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गई। उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार अनिल पाठक के एक पत्र का हवाला दिया, जिसमें कथित रूप से फर्जी तरीके से बदलाव किए गए थे। याचिका में कहा गया है कि यह सब गांधी परिवार के प्रभाव में हुआ, जिससे नियमों की अनदेखी कर स्कूल को लाभ पहुंचाया गया। अगर ये आरोप साबित हुए, तो यह धोखाधड़ी और दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला बन सकता है।
कोर्ट ने अभी याचिका पर सुनवाई की तारीख तय नहीं की है, लेकिन इस खबर से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने इन आरोपों को “राजनीति से प्रेरित” बताते हुए खारिज किया है, जबकि याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि “यह जनहित में उठाया गया कदम है, और न्याय की उम्मीद है।”
यह मामला गांधी परिवार के पुराने कानूनी विवादों (जैसे नेशनल हेराल्ड केस) से अलग है, लेकिन विपक्षी दलों को हमला करने का नया मौका दे सकता है। आने वाले दिनों में कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या यह आरोप साबित होंगे या सिर्फ राजनीतिक स्टंट? समय बताएगा!
गांधी परिवार पर फर्जीवाड़े का सनसनीखेज आरोप! राहुल, सोनिया, प्रियंका समेत 45 लोगों के खिलाफ रायबरेली कोर्ट में याचिका दाखिल
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