“बजट सत्र 2026: राष्ट्रपति मुर्मु का ‘विकसित भारत’ विजन; ग्रामीण रोजगार के लिए 125 दिन की गारंटी का ऐलान।”

बजट सत्र 2026

नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और पूर्वी भारत के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस मजबूत आर्थिक विकास, ग्रामीण रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन पर है, जो विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य हाइलाइट्स राष्ट्रपति के संबोधन से:

अर्थव्यवस्था पर फोकस: पिछले दशक में भारत ने मजबूत नींव रखी है। भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था से हर रुपया विकास और जनकल्याण पर खर्च हो रहा है। भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।

रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत – G RAM G कानून बनाया गया है, जो मनरेगा की जगह नई रोजगार गारंटी योजना लाएगा। स्टार्टअप्स, मुद्रा और स्वनिधि योजनाओं से लाखों नौकरियां पैदा हुई हैं, और युवा अब नौकरी मांगने वाले से नौकरी देने वाले बन रहे हैं।

पूर्वी भारत का विकास: सरकार पूर्वी भारत के विकास पर विशेष जोर दे रही है। बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रीय असमानता कम हो और समावेशी विकास सुनिश्चित हो।

अन्य प्रमुख बिंदु: महिलाओं की प्रगति, दलित-वंचित-जनजाति कल्याण, पीएम किसान सम्मान निधि, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियां। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों की नीतियां विकसित भारत के लिए मजबूत आधार हैं।

अंतरिक्ष और रक्षा में आत्मनिर्भरता : स्पेस स्टेशन: भारत अब अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की ISS यात्रा को एक ऐतिहासिक शुरुआत बताया गया।

रक्षा क्षेत्र: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत अब दुनिया के रक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।


यह संबोधन बजट सत्र की शुरुआत के साथ आया है, जहां 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होगा। विपक्ष कुछ मुद्दों पर बहस की तैयारी में है, लेकिन राष्ट्रपति का संदेश विकास, रोजगार और समावेशी प्रगति पर केंद्रित रहा।