यूपी में सियासी भूचाल: अलंकार अग्निहोत्री के बाद प्रशांत सिंह का इस्तीफा, बोले- ‘सीएम योगी का अपमान मंजूर नहीं’।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। अलंकार अग्निहोत्री के हालिया इस्तीफे के बाद अब प्रशांत सिंह ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। प्रशांत सिंह ने अपने इस फैसले के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति पार्टी के कुछ धड़ों या सहयोगियों द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे ‘अपमान’ को मुख्य वजह बताया है।

इस्तीफे की मुख्य वजह:
प्रशांत सिंह ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और उनके नेतृत्व के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से जिस तरह की बयानबाजी या आंतरिक विरोध की खबरें सामने आ रही हैं, उससे वे आहत हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसलिए मैं अपने पद से अलग हो रहा हूँ।”

सियासी मायने:
गुटबाजी की आहट: जानकारों का मानना है कि एक के बाद एक हो रहे ये इस्तीफे उत्तर प्रदेश में किसी बड़ी राजनीतिक खींचतान का संकेत दे रहे हैं।

अलंकार अग्निहोत्री का असर: पहले अलंकार अग्निहोत्री और अब प्रशांत सिंह का बाहर जाना यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री के समर्थकों में असंतोष बढ़ रहा है।

पार्टी आलाकमान की चिंता: बजट सत्र और आने वाले चुनावों के बीच इस तरह के इस्तीफे पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

आगे क्या?
फिलहाल पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि डैमेज कंट्रोल के लिए लखनऊ से दिल्ली तक बैठकों का दौर शुरू हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इन इस्तीफों के बाद यूपी की राजनीति में सत्ता संतुलन किस तरफ झुकता है।