नई दिल्ली: संसद का महत्वपूर्ण बजट सत्र आज, 28 जनवरी 2026 से शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ होगी। देशभर से सांसदों और बड़े नेताओं का दिल्ली पहुँचना शुरू हो गया है।
इन मुद्दों पर चर्चा नहीं:
सत्र शुरू होने से ठीक पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने दो मुख्य मुद्दों पर विशेष चर्चा की मांग की थी:
वीबी-जीरामजी (VB-G RAM G) एक्ट: यह कानून मनरेगा (MGNREGA) की जगह लाया गया है, जिस पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।
एसआईआर (SIR): मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने स्पष्ट किया कि इन मुद्दों पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है और अब “रिवर्स गियर” लगाने का सवाल ही नहीं उठता। सरकार का कहना है कि विपक्ष इन मुद्दों को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उठा सकता है, लेकिन इनके लिए अलग से समय नहीं दिया जाएगा।
सत्र का पूरा शेड्यूल:
28 जनवरी: राष्ट्रपति का अभिभाषण।
29 जनवरी: आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश किया जाएगा।
1 फरवरी (रविवार): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वां लगातार बजट पेश करेंगी। यह पहली बार होगा जब रविवार को बजट पेश किया जाएगा।
दो चरण: सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद 9 मार्च से 2 अप्रैल तक दूसरा चरण होगा।
विपक्ष की रणनीति:
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि वे सदन में रोजगार, किसानों के मुद्दे और नई कल्याणकारी योजनाओं (VB-G RAM G) के कार्यान्वयन को लेकर सरकार को घेरेंगे। विपक्ष का आरोप है कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।