नागौर : देशभर में मनाए जा रहे 77वें गणतंत्र दिवस के जश्न के बीच राजस्थान पुलिस ने एक सनसनीखेज कामयाबी हासिल की है। नागौर जिले में पुलिस ने छापेमारी कर करीब 10,000 किलोग्राम (10 टन) अवैध विस्फोटक सामग्री जब्त की है। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और इसे राज्य की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है।
कहां और कैसे हुई कार्रवाई?
यह गुप्त ऑपरेशन नागौर पुलिस और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त रूप से चलाया।
ठिकाना: विस्फोटक सामग्री नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरसौर गांव के एक सुनसान फार्म हाउस में छिपाकर रखी गई थी।
छापेमारी: पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक फार्म हाउस के चार अलग-अलग कमरों में अवैध तरीके से विस्फोटक स्टोर किया गया है। शनिवार देर रात हुई छापेमारी में पुलिस के होश उड़ गए जब वहां बोरियों का ढेर मिला।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने मौके से विस्फोटक का जखीरा बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:
अमोनियम नाइट्रेट: 187 बोरियों में भरा लगभग 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट (इसका इस्तेमाल बड़े धमाकों में किया जाता है)।
डेटोनेटर: 9 कार्टन भरकर डेटोनेटर।
फ्यूज वायर: भारी मात्रा में लाल और नीले रंग के फ्यूज वायर के बंडल।
अन्य सामग्री: विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण और ‘गुल्ला’।
आरोपी गिरफ्तार, क्या है कनेक्शन?
पुलिस ने इस मामले में सुलेमान खान (58) नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो इसी फार्म हाउस का मालिक है।
पुराना रिकॉर्ड: आरोपी सुलेमान का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले भी विस्फोटक अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज हैं।
जांच का दायरा: हालांकि आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में दावा किया है कि वह यह विस्फोटक अवैध खनन के लिए सप्लाई करता था, लेकिन गणतंत्र दिवस के ठीक पहले इतनी बड़ी मात्रा मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियां इसमें आतंकी कनेक्शन या किसी बड़ी साजिश के एंगल से भी जांच कर रही हैं।
एसपी मृदुल कच्छावा (नागौर) के अनुसार: “यह बरामदगी सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और केंद्रीय जांच एजेंसियां भी इस मामले में पूछताछ कर सकती हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेप का असली मकसद क्या था।”
देशभर में ’26-26′ का अलर्ट
गौरतलब है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने पहले ही ’26-26′ नाम के एक आतंकी कोडवर्ड को लेकर अलर्ट जारी किया था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित समूहों द्वारा गणतंत्र दिवस पर हमलों की आशंका जताई गई थी। दिल्ली से लेकर राजस्थान तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।