गणतंत्र दिवस 2026: लखनऊ में ‘मिनी इंडिया’ का दीदार, पहली बार नौ राज्यों की संस्कृतियों का अद्भुत संगम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस बार 77वां गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक होने जा रहा है। विधानभवन के सामने होने वाली परेड में इस बार केवल उत्तर प्रदेश की ही नहीं, बल्कि देश के नौ अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। यह पहली बार है जब लखनऊ की परेड में इतने बड़े स्तर पर अंतरराज्यीय कलाकारों का समागम हो रहा है।

9 राज्यों के 200 कलाकार बिखेरेंगे जलवा
संस्कृति विभाग के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, असम, बिहार, हरियाणा समेत कुल नौ राज्यों के कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोक नृत्यों के साथ शामिल हो रहे हैं।

प्रमुख भागीदारी: छत्तीसगढ़ के पंथी नृत्य से लेकर असम के बिहू और बिहार के लोक गीतों की गूंज कर्तव्य पथ (लखनऊ) पर सुनाई देगी।

थीम: इस विशेष आयोजन को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर तैयार किया गया है, जो राष्ट्रीय एकता को मजबूती देगा।

विधानभवन पर पहली बार ‘लेजर लाइट एंड साउंड शो’

कलाकारों के संगम के साथ-साथ इस बार लखनऊ में एक और नई शुरुआत हो रही है।

विधानभवन के गुंबद को एक सिनेमा स्क्रीन की तरह इस्तेमाल कर लेजर लाइट एंड साउंड शो दिखाया जाएगा।

इसमें अयोध्या के श्री राम मंदिर से लेकर लखनऊ के ऐतिहासिक इमामबाड़े तक के इतिहास और विकास की गाथा दिखाई जाएगी।

परेड की अन्य खास बातें:

65 मार्चिंग दस्ते: सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस के साथ-साथ पहली बार हरियाणा पुलिस का दस्ता भी यूपी की परेड में शामिल हुआ है।

25 भव्य झांकियां: परेड में विभिन्न विभागों की 25 झांकियां निकलेंगी, जिनमें बुंदेलखंड की संस्कृति और विकसित उत्तर प्रदेश के मॉडल को दर्शाया गया है।

थंडरबोल्ट दस्ता: मोटरसाइकिल पर जांबाज सैनिकों के साहसी करतब दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगे।

जिलाधिकारी लखनऊ, सूर्यपाल गंगवार के अनुसार: “तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नौ राज्यों के कलाकारों का आगमन विविधता में एकता का संदेश देने के लिए किया गया है, जो इस बार की परेड को सबसे अलग बनाएगा।”