गणतंत्र दिवस 2026: सीएम योगी ने फहराया तिरंगा, कहा- ‘संविधान हमारे लिए राष्ट्रप्रथम का पावन मार्गदर्शक’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास और विधानभवन के सामने आयोजित मुख्य समारोह में झंडा फहराने के बाद, उन्होंने भारत के संविधान और लोकतंत्र की महानता पर अपने विचार साझा किए।

संविधान: राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च दस्तावेज
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की महत्ता पर जोर देते हुए इसे ‘राष्ट्रप्रथम’ (Nation First) की भावना का सबसे बड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा:

“भारत का संविधान केवल एक कानूनी ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के लिए राष्ट्रप्रथम का संकल्प लेने वाला पावन दस्तावेज है। यह हमें हमारे अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों का बोध भी कराता है।”

मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:

अमर शहीदों को नमन: सीएम योगी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और उन सभी महान क्रांतिकारियों को याद किया, जिनके बलिदान और दूरदर्शिता से भारत को एक संप्रभु गणतंत्र मिला।

सुरक्षा और आत्मनिर्भरता: उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इसमें अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है।

विकसित भारत का संकल्प: उन्होंने राज्य के युवाओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एकजुट हों।

लखनऊ में भव्य आयोजन
गणतंत्र दिवस के मौके पर लखनऊ की सड़कों पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक झलक और पुलिस बल का शौर्य देखने को मिला।

विधानभवन के सामने हुई परेड में उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी और विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने मार्च पास्ट किया।

राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं और ‘रामलला के विराजमान होने के बाद बदलते अयोध्या’ की झलक दिखाती झांकियों ने सबका मन मोह लिया।