77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर दिखेगी ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन की गर्जना और लद्दाखी ऊंटों का दम

नई दिल्ली: भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस बेहद खास अंदाज में मनाने जा रहा है। इस बार कर्तव्य पथ पर न केवल भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विरासत का संगम दिखेगा, बल्कि कई ऐसी चीज़ें पहली बार होने जा रही हैं जो इस परेड को ऐतिहासिक बनाएंगी।

‘सिंदूर’ फॉर्मेशन: आसमान में दिखेगा शौर्य
इस साल के फ्लाईपास्ट का मुख्य आकर्षण ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन है। यह फॉर्मेशन पिछले साल (मई 2025) में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की याद में बनाया गया है, जिसमें भारतीय सेनाओं ने सीमा पार आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था।

विमान: इस फॉर्मेशन में राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29 और जैगुआर जैसे लड़ाकू विमान शामिल होंगे।

कुल विमान: इस बार वायुसेना के कुल 29 विमान आसमान में अपनी कलाबाजी दिखाएंगे।

पहली बार शामिल होंगे ‘दो कूबड़ वाले ऊंट’

परेड में पहली बार लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानों की शान दो कूबड़ वाले ऊंट (Bactrian Camels) नजर आएंगे।

ये ऊंट बेहद ऊंचे और दुर्गम इलाकों में 250 किलो तक वजन ढोने की क्षमता रखते हैं।

इनके साथ जांस्कर पोनी (घोड़े) और भारतीय नस्ल के कुत्ते भी सेना के ‘एनिमल सोल्जर’ दस्ते का हिस्सा बनेंगे।

झांकियां और कलाकारों का संगम

संस्कृति और विकास को दर्शाने के लिए इस बार 30 झांकियां शामिल की गई हैं।

थीम: इस वर्ष की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ और ‘विकसित भारत @2047’ रखी गई है।

कलाकार: देश के विभिन्न कोनों से आए लगभग 2500 कलाकार अपनी लोक कला और नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्य अतिथि: इस बार यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

अन्य मुख्य आकर्षण:

स्वदेशी हथियार: ‘सूर्यस्त्र’ रॉकेट सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम का प्रदर्शन।

पहली बार: भारतीय सेना ‘बैटल ऐरे’ (युद्ध व्यूह रचना) के रूप में अपनी टुकड़ियों को प्रदर्शित करेगी।

रोबोटिक डॉग्स: आधुनिक युद्ध के लिए तैयार ‘रोबोटिक डॉग्स’ और अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स भी जनता के सामने होंगे।