Republic Day 2026: ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल, कर्तव्य पथ पर दिखेगी भारत के अटूट संकल्प की झलक

नई दिल्ली: भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस एक बेहद खास और भावनात्मक थीम के साथ मना रहा है। इस वर्ष के समारोह का मुख्य केंद्र ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ हैं। कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में जहाँ एक ओर आधुनिक भारत की सैन्य ताकत दिखेगी, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय गीत की उस ऊर्जा को महसूस किया जाएगा जिसने स्वतंत्रता संग्राम में प्राण फूंके थे।

गणतंत्र दिवस 2026 की मुख्य थीम
इस साल की परेड दो प्रमुख स्तंभों पर टिकी है:

  • स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्: आजादी की लड़ाई की ऐतिहासिक विरासत का उत्सव।
  • समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत: आधुनिक और स्वावलंबी भारत का विजन।
  • इस बार क्या होगा खास? (Key Highlights)
  • ऐतिहासिक कलाकृतियाँ: कर्तव्य पथ के किनारे 1923 की दुर्लभ पेंटिंग्स (तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा निर्मित) प्रदर्शित की जा रही हैं, जो ‘वंदे मातरम्’ की पंक्तियों को चित्रित करती हैं।
  • मुख्य अतिथि: इस वर्ष यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता—यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं।
  • सैन्य शक्ति का ‘बैटल ऐरे’: पहली बार भारतीय सेना ‘बैटल ऐरे’ (Battle Array) फॉर्मेशन का प्रदर्शन करेगी। साथ ही, हाल ही में गठित ‘भैरव लाइट कमांडो बटालियन’ भी अपना डेब्यू करेगी।
  • झांकियों का संगम: कुल 30 झांकियां (17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों से) निकलेंगी, जो विकास और विरासत का संगम दिखाएंगी।
  • विशेष आकर्षण: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सांस्कृतिक उत्सव
  • फ्लाईपास्ट: वायुसेना के फ्लाईपास्ट में ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ आकर्षण का केंद्र होगा, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े संकल्प को दर्शाएगा।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: लगभग 2,500 कलाकार ‘वंदे मातरम्’ की नई धुनों पर थिरकेंगे, जिसे प्रसिद्ध संगीतकार एम.एम. कीरावानी ने तैयार किया है और श्रेया घोषाल ने स्वर दिया है।
  • आमंत्रण पत्र और सजावट: इस बार के निमंत्रण कार्ड, टिकट और फूलों की सजावट पूरी तरह से ‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित है।