नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में तिरंगा फहराया और दिल्लीवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने दिल्ली के ऐतिहासिक संघर्षों का जिक्र करते हुए उन शक्तियों पर कड़ा प्रहार किया जिन्होंने समय-समय पर राजधानी की अस्मिता को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।
इतिहास का हवाला और वर्तमान का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की रगों में दौड़ने वाला स्वाभिमान है। उन्होंने कहा: इतिहास गवाह है कि दिल्ली को बार-बार लूटा गया, हमलावरों ने इसे मिटाने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली को लूटने वाले खुद इतिहास के पन्नों में मिट गए। दिल्ली हर बार और अधिक मजबूती के साथ निखर कर सामने आई है।”
‘विकसित दिल्ली’ का नया विजन
2026 के गणतंत्र दिवस पर सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण रोडमैप साझा किए:
प्रदूषण से मुक्ति: उन्होंने संकल्प लिया कि 2030 तक दिल्ली को ‘ग्रीन कैपिटल’ बनाया जाएगा, जिसमें इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट और यमुना की सफाई प्राथमिकता होगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का मॉडल अब ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ की ओर बढ़ रहा है, जहाँ हर नागरिक को तकनीक के माध्यम से पारदर्शी सुविधा मिलेगी।
सुरक्षा और तकनीक: गणतंत्र दिवस के परेड में दिल्ली पुलिस की आधुनिक यूनिट्स की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित है।
लोकतंत्र और संविधान की मजबूती
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र की असली ताकत जनता के हाथ में है। उन्होंने दिल्ली की विविधता को ‘मिनी इंडिया’ करार देते हुए सभी धर्मों और समुदायों से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।