Shani Dev Upay: शनिवार को बरसेगी शनि देव की कृपा, इन शक्तिशाली मंत्रों और आरती से दूर होंगे सारे कष्ट

नई दिल्ली : हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव कर्मों के आधार पर फल देने वाले देवता हैं। यदि किसी व्यक्ति पर शनि की ढैया या साढ़ेसाती चल रही हो, तो शनिवार के दिन विधि-विधान से की गई पूजा और मंत्रों का जाप विशेष लाभकारी सिद्ध होता है।

आज हम आपके लिए लाए हैं शनि देव को प्रसन्न करने वाले विशेष मंत्र और उनकी आरती।

शनि देव के शक्तिशाली मंत्र

पूजा के समय इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करने से मानसिक शांति और बाधाओं से मुक्ति मिलती है:

शनि बीज मंत्र:
ॐप्रांप्रींप्रौंसःशनैश्चरायनमः॥

शनि गायत्री मंत्र:
ॐभगभवायविद्महेमृत्युरूपायधीमहितन्नोशनिःप्रचोदयात्॥

क्षमा मंत्र (कष्ट निवारण हेतु):
अपराधसहस्त्राणिक्रियन्तेऽहर्निशंमया।दासोऽयमितिमांमत्वाक्षमस्वपरमेश्वर॥

॥ श्री शनि देव की आरती ॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय जय श्री शनिदेव…

श्याम अंग वक्र दृष्टि चतुर्भुजा धारी। नीलम्बर धार नाथ गज की असवारी॥ जय जय श्री शनिदेव…

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है भारी। मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥ जय जय श्री शनिदेव…

मोदक मिष्ठान पान चढ़त है सुपारी। लोहा तिल तेल उड़द महिष अति प्यारी॥ जय जय श्री शनिदेव…

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी। विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥ जय जय श्री शनिदेव…

  • शनिवार को जरूर करें ये 5 काम (Quick Tips):
  • दीप दान: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • दान का महत्व: काले तिल, काली उड़द की दाल या काले कपड़ों का दान जरूरतमंदों को करें।
  • शनि चालीसा: आरती के बाद शनि चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  • पशु सेवा: काले कुत्ते या काली गाय को रोटी खिलाने से शनि दोष कम होता है।
  • अनुशासन: शनि देव अनुशासन प्रिय हैं, इसलिए इस दिन असहायों का अपमान न करें।

ज्योतिषीय सलाह: “शनि देव दंडनायक हैं, वे केवल बुरे कर्मों की सजा देते हैं। जो व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है और गरीबों की मदद करता है, शनि देव सदैव उस पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।”