RJD में ‘तेजस्वी युग’ की औपचारिक शुरुआत! 25 जनवरी को बन सकते हैं कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष

पटना: बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कुनबे में बड़े नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी पूरी हो चुकी है। आगामी 25 जनवरी को पटना के ‘होटल मौर्या’ (लोकनायक जयप्रकाश नारायण सभागार) में होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।

लालू यादव ले सकते हैं बड़ा फैसला
सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया जा रहा है। हालांकि लालू यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, लेकिन कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी यादव के पास पार्टी के सभी संगठनात्मक और नीतिगत निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार होगा।

बैठक के मुख्य एजेंडे:
हार की समीक्षा: हालिया विधानसभा चुनाव (2025) में पार्टी के खराब प्रदर्शन और सीटों की संख्या (75 से घटकर 25) कम होने पर गहन चर्चा होगी।

भीतरघात पर गाज: चुनाव के दौरान जिन नेताओं ने पार्टी विरोधी काम किया, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और पार्टी से निष्कासन का फैसला संभव है।

संगठन का कायाकल्प: प्रदेश अध्यक्ष पद सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों को जगह दी जा सकती है।

विपक्ष और परिवार के बीच की चुनौतियां
तेजस्वी की इस संभावित पदोन्नति के बीच कई पेच भी फंसे हैं:

मीसा भारती बनाम तेजस्वी: पार्टी के एक धड़े का मानना है कि वरिष्ठता के आधार पर मीसा भारती को भी बड़ी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए, ताकि ‘पितृसत्तात्मक’ पार्टी होने के आरोपों से बचा जा सके।

तेज प्रताप यादव का रुख: पार्टी से निष्कासित तेज प्रताप यादव ने हाल ही में अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ के आरजेडी में विलय की बात कही है, जिस पर इस बैठक में स्पष्ट रुख अपनाया जा सकता है।

सुरक्षा का मुद्दा: तेजस्वी यादव की सुरक्षा ‘Z’ से घटाकर ‘Y+’ करने के नीतीश सरकार के फैसले पर भी आरजेडी इस बैठक में कड़ा विरोध प्रस्ताव ला सकती है।

“25 जनवरी की बैठक आरजेडी के भविष्य की दिशा तय करेगी। लालू जी के मार्गदर्शन में तेजस्वी यादव अब पार्टी की कमान पूरी तरह से संभालने के लिए तैयार हैं।” — आरजेडी सूत्र