धार भोजशाला में आस्था का संगम: 10 साल बाद एक ही दिन होगी पूजा और नमाज, 8000 जवान तैनात

धार भोजशाला में आस्था का संगम

धार : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित 11वीं सदी के ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में आज धार्मिक सौहार्द और सुरक्षा का कड़ा पहरा है। बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन होने के कारण सुप्रीम कोर्ट के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत यहाँ पूजा और नमाज दोनों का आयोजन किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट का ‘टाइम-शेयरिंग’ फॉर्मूला
विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल (22 जनवरी) एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया, जिसके तहत दोनों समुदायों के लिए समय और स्थान तय कर दिए गए हैं:

हिंदू पक्ष: सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की पूजा और ‘अखंड पाठ’ की अनुमति दी गई है। हालांकि, दोपहर में नमाज के दौरान एक संक्षिप्त अंतराल रहेगा।

मुस्लिम पक्ष: दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने का समय निर्धारित किया गया है।

शर्तें: नमाज अदा करने वालों की सूची प्रशासन को पहले ही सौंप दी गई है और नमाजियों के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 8000 जवान और ड्रोन से निगरानी

प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए धार को किले में बदल दिया है:

सुरक्षा बल: करीब 8,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनमें CRPF, RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) और विशेष सशस्त्र बल की टुकड़ियाँ शामिल हैं।

नो-फ्लाई जोन: भोजशाला के 300 मीटर के दायरे को ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है।

हाई-टेक मॉनिटरिंग: पूरे क्षेत्र की निगरानी AI कैमरों, 3D मैपिंग और ड्रोन के जरिए की जा रही है।

प्रतिबंध: क्षेत्र में मोबाइल फोन, कैमरा, धारदार हथियार और बोतलों में पेट्रोल ले जाने पर सख्त पाबंदी है।

आस्था का माहौल
सुबह सूर्योदय के साथ ही हिंदू समुदाय ने मां वाग्देवी (सरस्वती) की आरती और हवन शुरू कर दिया है। भोजशाला परिसर को फूलों और भगवा ध्वजों से सजाया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए 14 लेयर की सुरक्षा बैरिकेडिंग की है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

विवाद की पृष्ठभूमि
धार की भोजशाला एक ASI संरक्षित स्मारक है। सामान्य दिनों में, 2003 के एएसआई आदेश के अनुसार, मंगलवार को हिंदू पूजा करते हैं और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज पढ़ते हैं। जब ये दोनों तिथियां एक ही दिन पड़ती हैं (जैसे 2006, 2013 और 2016 में हुआ), तब प्रशासन को इस तरह की विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है।

प्रशासन की अपील: कलेक्टर और एसपी ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह न फैलाने की अपील की है।