यूपी के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प: अब स्टेशन नहीं, एयरपोर्ट जैसा होगा अहसास

यूपी के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प

लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के रेल यात्री अब जल्द ही रेलवे स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी हाई-टेक सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे। भारतीय रेलवे ने यूपी के कई प्रमुख स्टेशनों के पुनर्विकास (Redevelopment) का काम तेज कर दिया है। इस बदलाव के बाद स्टेशन का नजारा पूरी तरह बदल जाएगा, जहाँ भीड़भाड़ से हटकर यात्रियों को खुला और आधुनिक वातावरण मिलेगा।

हर प्लेटफॉर्म पर बनेगा ‘एयर कॉनकोर्स’
नए डिजाइन की सबसे बड़ी खासियत ‘एयर कॉनकोर्स’ (Air Concourse) है। यह प्लेटफॉर्म के ऊपर बनी एक विशाल छत जैसी संरचना होगी, जहाँ यात्रियों के लिए वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स होगा।

सुविधा: यात्री कॉनकोर्स पर बैठकर आराम कर सकेंगे और अपनी ट्रेन आने पर सीधे लिफ्ट या एस्केलेटर के जरिए संबंधित प्लेटफॉर्म पर उतर सकेंगे।

फायदा: इससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ नहीं होगी और यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में आसानी होगी।

इन स्टेशनों पर चल रहा है काम:
गोमती नगर (लखनऊ): यह उत्तर भारत का पहला ऐसा स्टेशन बन रहा है जिसे निजी हाथों में प्रबंधन के लिए दिया जा रहा है। यहाँ एयरपोर्ट की तर्ज पर अलग-अलग अराइवल और डिपार्चर गेट्स बनाए गए हैं।

प्रयागराज जंक्शन: महाकुंभ 2025 से पहले इसे भव्य रूप दिया जा रहा है। यहाँ दो मेगा कॉनकोर्स, 42 लिफ्ट और 29 एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं।

गाजियाबाद और कानपुर सेंट्रल: इन स्टेशनों को भी वर्टिकल स्पेस का उपयोग करते हुए मल्टी-लेवल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

प्रमुख सुविधाएं जो मिलेंगी:

रूफटॉप प्लाजा: बच्चों के खेलने की जगह और कैफेटेरिया।

मल्टी-लेवल पार्किंग: गाड़ियों के लिए सुरक्षित और विशाल पार्किंग क्षेत्र।

स्मार्ट सिक्योरिटी: चेहरा पहचानने वाले कैमरे और हाई-टेक सुरक्षा जांच।

फ्री वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले: यात्रियों को हर जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर मिलेगी।