नई दिल्ली: अगर आप नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization) ने अपनी नवीनतम मासिक रिपोर्ट में 167 दवाओं के नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण (Quality Test) में फेल घोषित कर दिया है। इन दवाओं को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) की श्रेणी में रखा गया है।
नकली दवाएं भी पकड़ी गईं
जांच में न केवल दवाओं की गुणवत्ता खराब मिली, बल्कि कई दवाएं नकली भी पाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार:
कुछ नामी ब्रांड्स के नाम पर बेची जा रही नकली दवाएं बाजार से जब्त की गई हैं।
इन दवाओं में सक्रिय तत्व (Active Ingredients) की मात्रा या तो बहुत कम थी या बिल्कुल नहीं थी।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के कुछ दवा केंद्रों से लिए गए नमूने सबसे ज्यादा फेल हुए हैं।
कौन सी दवाएं हुईं प्रभावित?
फेल हुए नमूनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली कई दवाएं शामिल हैं:
एंटीबायोटिक्स: संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली गोलियां।
कैल्शियम और विटामिन: सप्लीमेंट्स की गुणवत्ता मानकों से बहुत नीचे पाई गई।
पेनकिलर्स: दर्द निवारक दवाओं के कई बैच फेल हुए हैं।
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज: जीवनरक्षक मानी जाने वाली कुछ दवाओं के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
सरकार का कड़ा एक्शन
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए हैं कि वे इन दवाओं के संबंधित बैच को बाजार से तुरंत वापस (Recall) लें। साथ ही, दोषी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।