लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा और आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR 2026) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार की लिस्ट में तकनीक और भौतिक सत्यापन के जरिए बड़ी छंटनी की गई है।
यूपी में SIR से जुड़ी 10 बड़ी बातें:
ड्राफ्ट लिस्ट जारी: उत्तर प्रदेश में 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी गई है। अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 12.55 करोड़ रह गई है।
2.89 करोड़ नाम हटे: शुद्धिकरण अभियान के तहत करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग 18.70% है।
क्यों कटे नाम?: नाम कटने के तीन मुख्य कारण हैं—मतदाता की मृत्यु, स्थाई रूप से निवास स्थान बदलना (शिफ्ट होना) और एक से अधिक स्थान पर नाम दर्ज होना (डुप्लीकेट)।
6 फरवरी तक आपत्ति: अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या कोई गलती है, तो आप 6 फरवरी 2026 तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं या नया फॉर्म भर सकते हैं।
दावे और निस्तारण: दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 27 फरवरी तक पूरी की जाएगी।
6 मार्च को फाइनल लिस्ट: सभी सुधारों के बाद 6 मार्च 2026 को प्रदेश की अंतिम (Final) मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
फॉर्म 6 का महत्व: नए मतदाताओं या जिनका नाम कट गया है, उन्हें फॉर्म-6 भरकर आवेदन करना होगा। अब तक करीब 15.78 लाख नए फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं।
तकनीकी मैपिंग: इस बार निर्वाचन आयोग ने अनमैप्ड (Unmapped) वोटर्स की पहचान की है। करीब 1.04 करोड़ ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है जिनका डेटा पूरी तरह मैच नहीं हुआ है।
पॉलिटिकल पार्टियों के साथ बैठक: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर ड्राफ्ट लिस्ट साझा की है और उनसे सहयोग की अपील की है।
कहाँ देखें नाम: मतदाता अपना नाम voters.eci.gov.in या ‘Voter Helpline App’ पर जाकर चेक कर सकते हैं।