अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला: “शंकराचार्यों से प्रमाण पत्र मांगना सनातन धर्म का सबसे बड़ा अपमान”

अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार जानबूझकर संतों और शंकराचार्यों को अपमानित कर रही है। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और अधिकारियों द्वारा उनसे ‘पहचान पत्र’ मांगे जाने की घटना पर अखिलेश यादव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

“भाजपा तोड़ रही है सनातन परंपराएं”
अखिलेश यादव ने कहा कि सदियों से साधु-संत और शंकराचार्य भारतीय संस्कृति की शोभा रहे हैं और श्रद्धालु उनका आशीर्वाद लेने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने अहंकारी प्रशासन के जरिए इन स्थापित परंपराओं को नष्ट कर रही है।

“एक अधिकारी का शंकराचार्य जी से उनका परिचय और प्रमाण पत्र मांगना सनातन धर्म का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। भाजपा अपने चापलूस अधिकारियों के जरिए संतों को प्रताड़ित करवा रही है।” — अखिलेश यादव

असली और नकली संत की परिभाषा

सपा प्रमुख ने मीडिया से बात करते हुए ‘असली संत’ की नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा:

असली संत: जो सत्य के मार्ग पर चलते हैं और जनहित के लिए सरकारों से टकराने का साहस रखते हैं, वही वास्तविक संत हैं।

सत्ता के करीबी: जो लोग सरकार के इशारों पर चलते हैं या चापलूसी करते हैं, वे सच्चे साधु नहीं हो सकते।

माघ मेला 2026 और अव्यवस्था का आरोप
अखिलेश यादव ने माघ मेले में श्रद्धालुओं और संतों के साथ हो रहे व्यवहार को ‘अक्षम्य’ बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं और धार्मिक गुरुओं पर दबाव बना रही है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग भाजपा के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) के जरिए डराया जाता है।