लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार इस साल ‘UP दिवस 2026’ को एक औपचारिक कार्यक्रम के बजाय एक भव्य ‘जनोत्सव’ के रूप में मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए ऐलान किया है कि इस बार का आयोजन यूपी की संस्कृति, शिल्प और सबसे खास तौर पर यहाँ के पारंपरिक व्यंजनों का एक वैश्विक मंच बनेगा।
‘एक जनपद-एक व्यंजन’ होगा मुख्य आकर्षण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस बार ‘One District-One Dish’ (ODOD) के कॉन्सेप्ट को प्रमुखता दी जाए।
75 जिलों की दावत: समारोह में प्रदेश के सभी 75 जिलों के मशहूर और पारंपरिक व्यंजन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।
स्वाद का संगम: आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, बनारस की चाट से लेकर लखनऊ के कबाब तक, पूरा यूपी एक ही परिसर में अपना स्वाद परोसेगा।
उद्देश्य: यूपी के स्थानीय खान-पान को वैश्विक पहचान दिलाना और पर्यटन को बढ़ावा देना।
24 से 26 जनवरी तक मनेगा जश्न
यूपी दिवस का यह त्रि-दिवसीय समारोह 24 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक चलेगा।
मुख्य अतिथि: इस वर्ष के समारोह में भारत के गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुख्य वेन्यू: लखनऊ स्थित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ पर मुख्य आयोजन होगा।
थीम: इस वर्ष की थीम ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ रखी गई है।
लखनऊ से लेकर लंदन तक गूंज
सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि यूपी दिवस का आयोजन केवल लखनऊ तक सीमित न रहे।
“यह आयोजन प्रदेश की पहचान और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर है। इसे प्रदेश के सभी जिलों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के राजभवनों और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी आयोजित किया जाए।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
योगी सरकार का लक्ष्य है कि यूपी दिवस के माध्यम से प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों को उनकी जड़ों से जोड़ा जाए और राज्य की विकास यात्रा को दुनिया के सामने रखा जाए। 75 जिलों के व्यंजनों की यह ‘महा-दावत’ पर्यटकों और भोजन प्रेमियों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र होने वाली है।