पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के भविष्य को लेकर एक बड़ा और महत्वाकांक्षी दावा किया है। मुख्यमंत्री ने संकल्प जताया है कि अगले 5 वर्षों के भीतर बिहार से गरीबी को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का रोडमैप भी पेश किया है।
1 करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार का मुख्य फोकस अब युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर है। उन्होंने कहा कि:
अगले 5 सालों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
इसमें सरकारी नौकरियों के साथ-साथ स्वरोजगार (Self-employment) और निजी क्षेत्र में अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है।
‘सात निश्चय-2’ और अन्य सरकारी योजनाओं के जरिए कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा।
गरीबी उन्मूलन के लिए मास्टर प्लान
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार अब विकास की नई राह पर है। गरीबी मिटाने के लिए सरकार की योजनाएं जमीन पर उतर रही हैं।
“हमारा लक्ष्य है कि बिहार का कोई भी परिवार गरीबी रेखा के नीचे न रहे। इसके लिए हम हर हाथ को काम और हर खेत को पानी पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।” — नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार बनने के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ। इससे पहले भय, अराजकता और सामाजिक तनाव की स्थिति थी। समाज में विवाद और साम्प्रदायिक तनाव आम बात थी। लेकिन, अब राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल है। कब्रिस्तानों की घेराबंदी जैसे कदमों से सामाजिक विवादों में कमी आई है और लोग बिना डर के जीवन जी रहे हैं।