इंजीनियर युवराज मौत मामला: बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार, लापरवाही ने ली थी मासूम जान

इंजीनियर युवराज मौत मामला

नोएडा: नोएडा के सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट के गहरे गड्ढे में डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हुई दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बिल्डर अभय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अभय कुमार ‘एमजेड विशटाउन’ (MZ Wishtown) का मालिक है।

घटना का खौफनाक मंजर:
27 वर्षीय युवराज मेहता गुरुग्राम से अपने घर लौट रहे थे। घने कोहरे और अंधेरे के कारण उनकी कार सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी।

तड़प-तड़प कर मौत: गड्ढे में बारिश और ड्रेनेज का पानी भरा हुआ था। युवराज करीब 90 मिनट तक कार की छत पर खड़े होकर टॉर्च जलाकर मदद की गुहार लगाते रहे।

बेबस पिता: युवराज ने अपने पिता को फोन कर लोकेशन भेजी थी। पिता मौके पर पहुँच गए थे, लेकिन उचित रेस्क्यू उपकरण और गोताखोर न होने के कारण वे अपने बेटे को अपनी आँखों के सामने डूबते देखने को मजबूर थे।

पुलिस और प्रशासन का एक्शन:
इस मामले में भारी जन आक्रोश और मुख्यमंत्री के दखल के बाद प्रशासन हरकत में आया:

बिल्डर की गिरफ्तारी: नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने लापरवाही के आरोप में बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है।

SIT का गठन: मामले की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) गठित की गई है।

बड़े अधिकारियों पर गाज: मुख्यमंत्री ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ (CEO) को पद से हटा दिया है और संबंधित जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है।

गंभीर लापरवाही: जांच में सामने आया कि निर्माण स्थल पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न ही कोई रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

परिजनों का आरोप:
युवराज के पिता राजकुमार मेहता का कहना है कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि ‘हत्या’ है। उन्होंने बिल्डरों और अथॉरिटी की मिलीभगत पर सवाल उठाए हैं। पुलिस अब मामले में नामजद दूसरी कंपनी ‘लोटस ग्रीन्स’ की भूमिका की भी जांच कर रही है।