रायबरेली: नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली के सांसद राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आह्वान किया कि वे डरे नहीं और सच्चाई के लिए लड़ते रहें। उन्होंने सरकार पर ‘धर्म’ का इस्तेमाल राजनीतिक ढाल के रूप में करने का गंभीर आरोप लगाया।
भाषण के मुख्य अंश (Key Highlights):
धर्म का आडंबर: राहुल गांधी ने कहा, “सरकार ने धर्म का आडंबर ओढ़ रखा है। वे धर्म के पीछे छिपकर जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस ‘आडंबर’ को बेनकाब करना समय की मांग है।
डर के खिलाफ संदेश: राहुल गांधी ने बार-बार ‘डर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की संस्थाओं का इस्तेमाल लोगों को डराने के लिए किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता अब डरने वाली नहीं है।
संविधान की रक्षा: उन्होंने एक बार फिर हाथ में संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि देश के दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना ही उनका असली धर्म है।
जनता से जुड़ाव: राहुल गांधी ने रायबरेली की जनता को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वे यहां की हर समस्या को संसद में उठाएंगे।
राजनीतिक गलियारों में हलचल:
राहुल गांधी के इस बयान को सीधे तौर पर भाजपा की ‘हिंदुत्व’ की राजनीति के काउंटर के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी अब धर्म बनाम अधर्म की अपनी अलग परिभाषा गढ़ रहे हैं, जहाँ वे सरकार की नीतियों को ‘अधर्म’ बता रहे हैं।