बिहार : बिहार भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में एक बड़ा इतिहास रचा गया है। नितिन नबीन का निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय हो गया है। आज उनके नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
प्रमुख बिंदु: नामांकन से एलान तक
भारी समर्थन: नितिन नबीन के पक्ष में कुल 37 सेट नामांकन दाखिल किए गए। यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर उनके नाम पर जबरदस्त सहमति है।
जीरो विरोध: उनके खिलाफ किसी भी अन्य नेता ने पर्चा नहीं भरा, जिससे चुनाव की नौबत ही नहीं आई।
अनुभव का साथ: नामांकन के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और कई कद्दावर नेता मौजूद रहे।
क्यों अहम है नितिन नबीन का चयन?
नितिन नबीन न केवल बिहार सरकार में मंत्री हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रभारी के रूप में उन्होंने अपनी सांगठनिक क्षमता का लोहा मनवाया है।
युवा चेहरा: पार्टी ने एक युवा और ऊर्जावान नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
अनुभव: विधायक और मंत्री के तौर पर लंबा प्रशासनिक अनुभव।
मिशन 2025: उनका सबसे मुख्य लक्ष्य 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत दिलाना होगा।