पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आगामी 25 जनवरी 2026 को पटना के एक निजी होटल में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की गिरती सेहत और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच तेजस्वी यादव को पार्टी की आधिकारिक कमान सौंपना बताया जा रहा है।
बैठक की मुख्य बातें:
दिग्गजों का जमावड़ा: इस बैठक में पार्टी के करीब 200 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इनमें 85 स्थायी सदस्य, सभी सांसद, विधायक और अन्य राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
कार्यकारी अध्यक्ष पद: सूत्रों के मुताबिक, लालू यादव के खराब स्वास्थ्य के कारण तेजस्वी यादव को ‘राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष’ नियुक्त करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। इससे वे पार्टी के सांगठनिक और नीतिगत फैसले लेने के लिए आधिकारिक तौर पर अधिकृत हो जाएंगे।
हार की समीक्षा और भविष्य की रणनीति: हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ आगामी बजट सत्र और 2027 के चुनावों के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।
लालू यादव का स्वास्थ्य: पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पिछले कुछ समय से अस्वस्थ हैं, जिससे वे सक्रिय रूप से संगठनात्मक बैठकों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
युवा नेतृत्व को कमान: तेजस्वी यादव लंबे समय से पार्टी का चेहरा बने हुए हैं। कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी में नेतृत्व को लेकर चल रही किसी भी तरह की दुविधा खत्म हो जाएगी।
संगठनात्मक बदलाव: 2025 के चुनावों के बाद पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है।
आरजेडी की नई रणनीति:
बैठक में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आधार को मजबूत करने और राज्य सरकार की विफलताओं को जनता के बीच ले जाने के लिए नए कार्यक्रमों की घोषणा भी की जा सकती है। साथ ही, अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।
तेजस्वी यादव की यह ‘ताजपोशी’ बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। लालू यादव के रहते हुए तेजस्वी को आधिकारिक कमान मिलना यह साफ करता है कि आरजेडी अब पूरी तरह से नए दौर के लिए तैयार है।”