इंदौर : कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी (Contaminated Water) से हुई मौतों के बाद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पार्टी के स्थानीय नेताओं से स्पष्ट कहा कि वे इस मुद्दे को राज्य स्तर पर पूरी ताकत से उठाएं, जबकि वह खुद इसे संसद में देश के सामने रखेंगे।
इंदौर के भागीरथपुरा में पीड़ितों से की मुलाकात
राहुल गांधी शनिवार (17 जनवरी 2026) को इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पहुँचे, जो दूषित पानी के संकट का मुख्य केंद्र रहा है। यहाँ उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। उन्होंने बॉम्बे हॉस्पिटल जाकर बीमार मरीजों का हाल-चाल भी जाना।
राहुल गांधी ने नेताओं को क्या निर्देश दिए?
दौरे के दौरान राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा:
संसद में गूंजेगा मुद्दा: “मैं दिल्ली में संसद के भीतर इस दूषित पानी के संकट और प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा उठाऊंगा।”
विधानसभा में घेराव: उन्होंने राज्य के नेताओं को निर्देश दिया कि आगामी विधानसभा सत्र (बजट सत्र) में राज्य सरकार से इस पर जवाब मांगा जाए और पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे की मांग की जाए।
ज़वाबदेही तय हो: राहुल ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की विफलता है।
स्मार्ट सिटी’ मॉडल पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने भाजपा के ‘स्मार्ट सिटी’ प्रोजेक्ट पर तंज कसते हुए कहा, “कैसा स्मार्ट सिटी मॉडल है जहाँ लोगों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है? पानी में जहर है, हवा में जहर है, और जब जनता जवाब मांगती है तो उन पर बुलडोजर चलाने की धमकी दी जाती है।”