कानपुर मकनपुर मेला: 11 लाख का घोड़ा बना आकर्षण का केंद्र,देखभाल में खर्च होते हैं इतने पैसे सुनकर रह जाएंगे दंग

कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की बिल्हौर तहसील में स्थित मकनपुर में हजरत सैय्यद बदीउद्दीन जिंदा शाह मदार की दरगाह के पास लगने वाला 607वाँ वार्षिक मेला अपनी पूरी रौनक पर है। इस बार मेले में हरदोई से आया एक ‘बादशाह’ जैसा घोड़ा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसकी कीमत 11 लाख रुपये लगाई गई है।

इस महंगे घोड़े के मालिक राजेश कुमार (हरदोई) ने बताया कि इसकी देखभाल कोई साधारण काम नहीं है। इस घोड़े के नखरे और डाइट किसी वीआईपी से कम नहीं हैं:

दैनिक खर्च: इस घोड़े के खानपान पर प्रतिदिन 500 से 600 रुपये खर्च होते हैं।

डाइट चार्ट: इसे केवल साधारण चारा नहीं दिया जाता, बल्कि इसके आहार में चना, बाजरा, गुड़ और घी जैसे पौष्टिक तत्व शामिल होते हैं। कुछ घोड़ों को उनकी मजबूती के लिए दूध भी पिलाया जाता है।

मालिश और सेवा: घोड़े की चमक बनाए रखने के लिए रोजाना घंटों तक इसकी मालिश और सफाई की जाती है।

7 लाख की बोली भी ठुकराई
मेले में आए खरीदारों ने इस घोड़े की कीमत अब तक 7 लाख रुपये तक लगा दी है, लेकिन इसके मालिक इसे 11 लाख से कम में बेचने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यह घोड़ा अपनी कद-काठी और नस्ल में बेजोड़ है।

600 साल पुराना है मकनपुर मेले का इतिहास
एशिया का बड़ा पशु मेला: यह मेला पशुओं (खासकर घोड़ों) की खरीद-बिक्री के लिए एशिया के सबसे पुराने मेलों में से एक माना जाता है।

सांस्कृतिक संगम: यहाँ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग बड़ी श्रद्धा के साथ शामिल होते हैं।

वसंत पंचमी का महत्व: मेले में मुख्य भीड़ वसंत पंचमी के दिन उमड़ती है, जहाँ लोग दूर-दूर से दरगाह पर दर्शन करने और पशु बाजार देखने आते हैं।