इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर पहुंचे हैं, जहाँ वे जल त्रासदी के शिकार हुए परिवारों का दर्द बांट रहे हैं। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दौरे को लेकर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है।
- राहुल गांधी का इंदौर दौरा: मुख्य अपडेट
पीड़ित परिवारों से मुलाकात: राहुल गांधी विशेष विमान से इंदौर पहुंचे और सीधे उन परिवारों से मिलने गए जिन्होंने दूषित पानी के कारण अपनों को खोया है।
अस्पताल का दौरा: राहुल गांधी ने बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचकर वहां भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस का आरोप: राहुल गांधी ने इस घटना को ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए कहा कि जनता को पानी नहीं, जहर बांटा गया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सीवेज का पानी पीने के पाइप में कैसे मिला और दोषियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा बयान
राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा:
“जब सब कुछ सामान्य हो गया, तब राहुल गांधी को समय मिला। यह केवल लाशों पर राजनीति करना है। जनता सब जानती है कि सरकार ने घटना के तुरंत बाद एक्शन लिया और दोषियों को सस्पेंड किया।”
सरकार का पक्ष: सीएम ने कहा कि सरकार ने 40,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कराई और घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत दी कि उन्हें उन राज्यों (हिमाचल, कर्नाटक) में जाना चाहिए जहां उनकी अपनी सरकारें हैं और वहां के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
- अब तक की कार्रवाई
प्रशासनिक लापरवाही सामने आने के बाद सरकार ने अब तक कई कड़े कदम उठाए हैं:
निलंबन: नगर निगम कमिश्नर को हटाया गया और संबंधित इंजीनियरों को निलंबित किया गया।
जांच: पाइपलाइन में लीकेज और सार्वजनिक शौचालय के पास दूषित जल मिलने की उच्च स्तरीय जांच जारी है।
मृतक संख्या पर विवाद: जहाँ विपक्ष 20 से अधिक मौतों का दावा कर रहा है, वहीं सरकारी आंकड़ों में यह संख्या कम बताई जा रही है।