वाराणसी: दालमंडी में ‘हथौड़े’ की गूँज और सन्नाटा; व्यापारियों ने दुकानें बंद कर जताया विरोध, जारी रहा ध्वस्तीकरण

वाराणसी: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दालमंडी सड़क को चौड़ा करने का काम अब युद्ध स्तर पर है। शुक्रवार और शनिवार को दालमंडी के व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखकर इस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी (PWD) और वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की टीमें मकानों को गिराने में जुटी रहीं।

  1. “दुकानें बंद, लेकिन कार्रवाई जारी”
    प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में दालमंडी मार्ग के व्यापारियों ने प्रतीकात्मक हड़ताल की। व्यापारियों का कहना है कि वे सालों से यहाँ व्यापार कर रहे हैं और मकान टूटने से वे पूरी तरह बेरोजगार हो जाएंगे। हालांकि, विरोध के बीच भी मजदूरों और मशीनों की मदद से उन मकानों को गिराया जाता रहा जिनकी रजिस्ट्री प्रशासन के नाम हो चुकी है।
  2. प्रोजेक्ट की बड़ी बातें:

    सड़क की चौड़ाई: 650 मीटर लंबे इस मार्ग को करीब 17.5 मीटर तक चौड़ा किया जाना है।

लागत: इस पूरी परियोजना पर लगभग 224 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

चिह्नित भवन: कुल 187 भवनों को चौड़ीकरण की जद में लिया गया है, जिनमें से कई की रजिस्ट्री हो चुकी है।

अवैध निर्माण: VDA ने इस क्षेत्र के 12 भवनों को अवैध घोषित किया है, जिन पर विशेष रूप से कार्रवाई की जा रही है।

  1. व्यापारियों की चिंता और कोर्ट का रुख
    व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर ‘स्टे ऑर्डर’ और विरोध के बैनर लगा रखे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास (Rehabilitation) का भरोसा नहीं मिल रहा है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट में दाखिल किए गए 115 मामलों में से 76 याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
  2. भारी सुरक्षा बल तैनात
    इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। सकरी गलियों और घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने के लिए ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम बाबा भोलेनाथ के दरबार तक पहुंचने वाले रास्ते को सुगम बनाने के लिए अनिवार्य है।