बिहार में उठी लालू यादव को ‘भारत रत्न’ देने की मांग; पोस्टर में बताया ‘गरीबों का मसीहा’ और ‘भगवान’

भारत रत्न

पटना: बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर लगे नए पोस्टरों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं ने पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को ‘भारत रत्न’ देने की मांग करते हुए पटना के आयकर गोलंबर और पार्टी कार्यालय के बाहर बड़े-बड़े पोस्टर चस्पा किए हैं।

पोस्टर की खास बातें:
‘गरीबों के मसीहा’: पोस्टर में लालू यादव को दलितों, पिछड़ों और वंचितों की आवाज उठाने वाला ‘गरीबों का मसीहा’ बताया गया है।

‘हमारे भगवान’: समर्थकों ने अटूट आस्था जताते हुए उन्हें अपना ‘भगवान’ करार दिया है।

सामाजिक न्याय का प्रतीक: पोस्टर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि देश में सामाजिक न्याय की अलख जगाने वाले नेता को सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए।

RJD नेताओं का तर्क
राजद प्रवक्ताओं और समर्थकों का कहना है कि लालू यादव ने दशकों तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए भारतीय रेलवे को मुनाफे में लाकर अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया था। ऐसे में, उन्हें भारत रत्न दिया जाना करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान होगा।

विपक्ष का पलटवार

इस मांग पर विपक्षी दलों (भाजपा और जदयू) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विरोधी नेताओं का कहना है कि:

कानूनी मामले: भाजपा नेताओं का तर्क है कि जो व्यक्ति भ्रष्टाचार के मामलों (चारा घोटाला) में सजायाफ्ता हो, उसे भारत रत्न देने की मांग करना हास्यास्पद है।

सियासी स्टंट: विरोधियों ने इसे 2025-26 के चुनावी समीकरणों को साधने और जनता की सहानुभूति बटोरने का एक ‘पॉलिटिकल स्टंट’ बताया है।